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चंद्र राशि और नक्षत्र कैलकुलेटर

वैदिक ज्योतिष में आपकी राशि चंद्रमा से तय होती है। जन्म तिथि, समय और स्थान डालें और अपनी चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र जानें।

चंद्र राशि क्या है?

आपके जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, वही आपकी चंद्र राशि है। भारत में जिसे "राशि" कहते हैं, वह यही है। यह आपकी भावनाओं, भीतरी स्वभाव और दुनिया के प्रति आपकी प्रतिक्रिया को दिखाती है।

चंद्र राशि के बारे में और पढ़ें (अंग्रेज़ी)

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा का पड़ाव है। कुल 27 नक्षत्र हैं, और हर नक्षत्र के अपने गुण हैं जो आपके व्यक्तित्व, ताक़त और जीवन की राह पर असर डालते हैं।

27 नक्षत्रों के बारे में पढ़ें (अंग्रेज़ी)

क्या आप जानते हैं?

आपकी चंद्र राशि सूर्य राशि से अलग हो सकती है। सूर्य राशि आपका बाहरी रूप दिखाती है, जबकि चंद्र राशि आपका भीतरी मन।

"चंद्रमा वह जानता है जो आपका दिल हमेशा से महसूस करता आया है।"

27 नक्षत्र

हर नक्षत्र की अपनी ऊर्जा और अर्थ है।

अश्विनी
भरणी
कृत्तिका
रोहिणी
मृगशिरा
आर्द्रा
पुनर्वसु
पुष्य
आश्लेषा
मघा
पूर्व फाल्गुनी
उत्तर फाल्गुनी
हस्त
चित्रा
स्वाति
विशाखा
अनुराधा
ज्येष्ठा
मूल
पूर्वाषाढ़ा
उत्तराषाढ़ा
श्रवण
धनिष्ठा
शतभिषा
पूर्व भाद्रपद
उत्तर भाद्रपद
रेवती

यह क्यों ज़रूरी है

अपनी भावनाएँ समझें
अपने रिश्ते समझें
अपनी भीतरी राह खोजें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जन्म तिथि से राशि कैसे पता करें?

वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए जन्म तिथि के साथ जन्म समय और स्थान भी चाहिए। चंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए सही समय से ही सही राशि मिलती है।

चंद्र राशि और सूर्य राशि में क्या अंतर है?

सूर्य राशि (जो अख़बारों के राशिफल में होती है) जन्म के समय सूर्य की स्थिति से बनती है और आपका बाहरी व्यक्तित्व दिखाती है। चंद्र राशि मन और भावनाओं को दिखाती है, और भारतीय ज्योतिष में यही आपकी राशि मानी जाती है।

नक्षत्र का चरण क्या होता है?

हर नक्षत्र 13°20′ का होता है और चार बराबर भागों (चरणों) में बँटा होता है। चरण से नाम का पहला अक्षर और नवांश तय होते हैं।

मेरा जन्म नक्षत्र क्यों ज़रूरी है?

जन्म नक्षत्र से विंशोत्तरी दशा की शुरुआत, नामकरण के अक्षर, कुंडली मिलान के गुण और रोज़ का तारा बल तय होता है।