मूलांक और भाग्यांक: अपना अंक कैसे निकालें और 1 से 9 तक हर अंक का स्वभाव
अंक ज्योतिष में दो अंक सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं: मूलांक और भाग्यांक। दोनों जन्म तिथि से बनते हैं, पर दोनों अलग बातें बताते हैं। यहाँ जानिए इन्हें कैसे निकालें और हर अंक आपके स्वभाव के बारे में क्या कहता है।
मूलांक कैसे निकालें?
मूलांक सिर्फ़ जन्म की तारीख़ (दिन) से बनता है। तारीख़ के अंकों को तब तक जोड़ें जब तक एक अंक न बच जाए।
- 14 तारीख़: 1 + 4 = 5
- 29 तारीख़: 2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2
- 10 तारीख़: 1 + 0 = 1
मूलांक आपका स्वभाव, सोचने का तरीका और लोगों से व्यवहार दिखाता है।
भाग्यांक कैसे निकालें?
भाग्यांक पूरी जन्म तिथि (दिन, महीना और साल) के सभी अंकों को जोड़कर बनता है। उदाहरण: 14 अगस्त 1995 यानी 14-08-1995।
1 + 4 + 0 + 8 + 1 + 9 + 9 + 5 = 37, फिर 3 + 7 = 10, फिर 1 + 0 = 1। यानी भाग्यांक 1।
भाग्यांक जीवन की दिशा, बड़े अवसर और आपके जीवन का मुख्य पाठ दिखाता है। कुछ परंपराओं में 11, 22 और 33 को “मास्टर अंक” मानकर आगे नहीं घटाया जाता।
1 से 9 तक हर अंक का स्वभाव
| अंक | स्वामी ग्रह | स्वभाव और ताकत | ध्यान दें |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | नेतृत्व, आत्मविश्वास, खुद राह बनाना | अहंकार और ज़िद |
| 2 | चंद्र | भावुक, कल्पनाशील, साथ निभाने वाले | मूड का जल्दी बदलना |
| 3 | गुरु | ज्ञान, अनुशासन, सलाह देने की क्षमता | बिना माँगे उपदेश |
| 4 | राहु | अलग सोच, मेहनती, नए रास्ते खोजने वाले | अचानक फ़ैसले |
| 5 | बुध | तेज़ दिमाग, बातचीत, व्यापार की समझ | बेचैनी, एक जगह न टिकना |
| 6 | शुक्र | सौंदर्य, कला, रिश्तों और आराम से प्रेम | दिखावा और ज़्यादा खर्च |
| 7 | केतु | गहरी सोच, शोध, आध्यात्मिक झुकाव | अकेलापन और दूरी |
| 8 | शनि | धैर्य, मेहनत, देर से पर टिकाऊ सफलता | ज़्यादा गंभीरता |
| 9 | मंगल | साहस, ऊर्जा, दूसरों की मदद का जज़्बा | जल्दी गुस्सा |
मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
आसान भाषा में: मूलांक बताता है कि आप कैसे हैं, और भाग्यांक बताता है कि जीवन आपको किस ओर ले जा रहा है। अगर दोनों अंकों के ग्रह आपस में मित्र हों, तो स्वभाव और जीवन की दिशा में तालमेल अच्छा रहता है। शत्रु हों, तो व्यक्ति को अपनी आदतों और लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाना सीखना पड़ता है।
क्या अंक 8 अशुभ है?
बिल्कुल नहीं। अंक 8 शनि का अंक है और शनि मेहनत का पूरा फल देने वाले ग्रह हैं। मूलांक या भाग्यांक 8 वाले लोग अक्सर देर से, पर बहुत मज़बूत सफलता पाते हैं। उन्हें बस धैर्य रखना और ईमानदारी से काम करना होता है।
नाम और मोबाइल नंबर का अंक
अंक ज्योतिष में नाम के अक्षरों से नामांक और मोबाइल नंबर के अंकों से भी एक अंक निकाला जाता है। इनका मूलांक से तालमेल देखा जाता है। पर सिर्फ़ डर के कारण नाम की स्पेलिंग या नंबर बदलना ज़रूरी नहीं। पहले जाँच लें कि तालमेल सच में कमज़ोर है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
मूलांक सिर्फ़ जन्म के दिन से बनता है और स्वभाव दिखाता है। भाग्यांक पूरी जन्म तिथि से बनता है और जीवन की दिशा दिखाता है।
29 तारीख़ को जन्मे व्यक्ति का मूलांक क्या होगा?
2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2। यानी मूलांक 2, जिसका स्वामी चंद्रमा है।
क्या अंक 8 वाले लोगों के लिए समय कठिन रहता है?
नहीं। अंक 8 शनि का है, जो मेहनत का टिकाऊ फल देते हैं। सफलता कई बार देर से आती है, पर लंबे समय तक रहती है।


