मुफ़्त कैलकुलेटर · तुरंत परिणाम · बिना साइन अप
पितृ दोष कैलकुलेटर
जन्म तिथि, समय और स्थान डालें और जानें कि आपकी कुंडली में पितृ दोष के संकेत हैं या नहीं, वे कितने प्रबल हैं और उनके उपाय क्या हैं।
पितृ दोष क्या है?
पितृ दोष ("पितृ ऋण") तब बनता है जब पूर्वजों की आत्माएँ अतृप्त हों: अधूरे अंतिम संस्कार, टूटी पारिवारिक परंपराएँ या अधूरे कर्म। वैदिक ज्योतिष में नवम भाव (पितृ भाव) पिता और पूर्वजों को दिखाता है।
जाँचे जाने वाले 9 संकेत
- सूर्य की राहु, केतु या शनि से युति
- सूर्य और राहु दोनों नवम भाव में
- राहु, केतु या शनि नवम भाव में
- नवमेश दुःस्थान (छठे, आठवें या बारहवें भाव) में
- नवमेश पर सूर्य, राहु या केतु का असर
- नवम भाव में गुरु चांडाल योग (गुरु-राहु)
क्या आप जानते हैं?
यह टूल सिर्फ़ पितृ पक्ष (पिता की ओर) के कर्म जाँचता है। चंद्रमा से जुड़े दोष (माता की ओर) मातृ या चंद्र दोष में अलग से देखे जाते हैं, यहाँ नहीं।
यहाँ सही जन्म समय ज़रूरी है, क्योंकि लग्न बदलने के साथ नवम भाव और उसका स्वामी भी बदल जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पितृ दोष कैसे पता करें?
ऊपर अपनी जन्म तिथि, सही जन्म समय और स्थान डालें। कैलकुलेटर पितृ दोष के 9 शास्त्रीय संकेत जाँचता है: सूर्य की राहु, केतु या शनि से युति, नवम भाव में राहु, केतु या शनि, और नवमेश की स्थिति।
पितृ दोष के लक्षण क्या हैं?
मान्यता है कि पितृ दोष से संतान में देरी, प्रतिभा के बावजूद करियर में रुकावट, बिना कारण स्वास्थ्य समस्याएँ, पारिवारिक विवाद और पिता से रिश्तों में तनाव हो सकता है।
पितृ दोष के उपाय क्या हैं?
पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध, गया या हरिद्वार में पिंडदान, अमावस्या पर दान और भोजन कराना, पीपल की सेवा, और पितृ स्तोत्र या गायत्री मंत्र का पाठ सबसे प्रचलित उपाय हैं।
हल्का और प्रबल पितृ दोष कैसे तय होता है?
कैलकुलेटर गिनता है कि कितने संकेत मिले: एक संकेत पर हल्का, दो-तीन पर मध्यम और चार या ज़्यादा पर प्रबल पितृ दोष माना जाता है।